00:00लोगो मैं आप ही से पूछता हूँ उस दिन वहाँ इतनी भीड थी क्या उस भीड के हिसाब से पुलिस
00:05ने सुरक्षा दी थी एक पुलिस अधिकारी इंटर्व्यू में कह रहे हैं कि ये जगे हमने खुद चुनी थी इसका
00:10क्या मतलब है
00:11इतना दर्द इतने जखम देने के बाद भी सारा दोश हम पर डाल कर आप इसमें अपना राजनीतिक फाइदा ढून
00:18रहे हैं
00:18और बिना किसी शर्म के विधान सभा में स्टॉलिन सर सारा दोश हम पर मड़कर राजनीति कर रहे हैं इसका
00:24क्या मतलब है
00:25हमारे लिए आये लोगों को इंतजार करवा कर फाइदा उठाने वाला नेता नहीं हूँ मैं
00:31लोगों के लिए राजनीती में आया है ये विजय, जिस जनता ने मुझे सब कुछ दिया, उनके लिए सब कुछ
00:36छोड़कर, सिर्फ और सिर्फ लोगों के लिए राजनीती में आया है ये विजय, उनका कर्ज चुकाने के लिए ही राजनीती
00:44में आया है ये विजय, आप लोग
01:00कि दोबारा सिर न उठा सकें।
01:30मेरे दिल में बसने वाले, करूर के मेरे अपनों, आप सभी को मेरा नमस्कार,
01:53एक इनसान, जिन्दगी में, चाहे कितनी भी बड़ी उचाईयों पर क्यों न पहुँच जाए,
02:01दिल में कुछ दर्द और जखम ऐसे होते हैं, जिनें वो कभी भूल नहीं सकता, है न?
02:11हर किसी की जिन्दगी में ऐसा होता है, हमारे साथ भी ऐसा ही है,
02:15हम भी बहुत सारे दर्द और जखमों को जेल कर ही यहां तक पहुँचे हैं,
02:20लेकिन उन सब में से जो सबसे गहरा दर्द और जखम मुझे मिला,
02:27वो करूर का वो हादसा ही था,
02:33जन्ता से मिलने के लिए, जन्ता से मिलना है, उनकी समस्याओं पर बात करनी है,
02:40इसी मकसद से हमने इस जन्संपरक यात्रा की शुरुवात की थी,
02:43और त्रिची, अरियालूर, नागपटिनम, तिरुवारूर, नमककल, करूर जैसी जगहों पर जा रहे थे,
02:53अरियालूर की वो मीटिंग खत्म करके पेरंबलूर जाने से पहले,
02:58पेरंबलूर कुलिस ने हमें अलर्ट किया था,
03:01कि यहां भीड बहुत ज्यादा है, देर हो चुकी है, आप मत आईए, ऐसा उन्हों ने कहा,
03:09तो हमारे पास कोई चारा नहीं था, पुलिस ने कहा, तो हमें उनकी बात माननी ही थी,
03:13साथ ही पेरंबलूर के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए,
03:17हम भारी मन से वापस लौट गए, उसके बाद हमने पेरंबलूर के लोगों से माफी भी मांगी,
03:24उसी तरह जब हम नमकल की मीटिंग खत्म करके करूर आ रहे थे,
03:28तो करूर कुलिस भी हमें अलर्ट कर सकती थी न?
03:37कि नहीं सर, यहां उम्मीद से ज्यादा भीड है,
03:42हम कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, आप मत आईए,
03:45और पुलिस चाहे तो वो मीटिंग कैंसिल कर सकती है,
03:49अगर उन्हें लगे कि कुछ गड़बड है या कुछ गलत होने की आशंका है,
03:57उनके पास मीटिंग कैंसिल करने का पूरा अधिकार है,
04:00हम से पूछने की कोई जरूरत नहीं थी,
04:02लेकिन ऐसा कुछ भी न करके,
04:06हाईवे से उस जगह तक पुलिस खुद हमें अंदर लेकर आई,
04:10वो जो नाटक हुआ था ना,
04:18मैंने भरोसा किया, पूरा भरोसा किया,
04:21उस दिन जब करूर पुलिस से बात हुई,
04:23तो मैंने उन्हें थैंक्स भी कहा था,
04:25मुझे नहीं पता था कि ऐसा कोई नाटक चल रहा है,
04:32इस सब का जिम्मेदार कौन है,
04:37ये सब किसके कहने पर किया गया,
04:41ऐसा करो, वैसा करो,
04:43अगर ऐसा हो तो ये करना, वैसा हो तो वो करना,
04:47इस तरह के निर्देश देकर दबाव बनाने वाला कौन है,
04:56उस हादसे में हमने किन-किन लोगों को खोया है,
04:58जानते हैं आप,
05:00टीवी पर जब भी मेरी कोई फिल्म या गाना आता था,
05:03तो अम्मा, विजे मामा, विजे मामा कहकर,
05:08अपनी मा से हंसते हुए,
05:10बात करने वाले, टीवी स्क्रीन को छूकर चूमने वाले,
05:15मेरी बेहनों के उन प्यारे बच्चों को हमने खोया है,
05:21जो बच्चे अभी ठीक से बोल भी नहीं पाते थे,
05:25किसी मैगेजिन में मेरी फोटो देखकर जो मासूमियत से मुस्कुरा उठते थे,
05:31भगवान जैसे उन मासूम बच्चों को हमने खोया है,
05:34यार मेरी बहने भाई और पूरे परिवार को खोकर जो दर्द मैं जहेल रहा हूं उस पर आप मेरा मजाक
05:46उड़ा रहे हैं सारा दोश मुझ पर मड़ रहे हैं
05:51इतना बड़ा हाथसा हो गया ये क्यूं हुआ कैसे हुआ इसके पीछे की साजिश क्या थी इस दर्द के साथ
05:58मैं घर पर बैठा हूँ और आप कह रहे हैं कि मैं भाग कर छिप गया मूँ में जो आया
06:03वही बकते रहोगे क्या
06:12लोगो मैं आप ही से पूछता हूँ उस दिन वहाँ इतनी भीड थी क्या उस भीड के हिसाब से पुलिस
06:17ने सुरक्षा दी थी
06:23एक पुलिस अधिकारी इंटर्व्यू में कह रहे हैं कि ये जगए हमने खुद चुनी थी इसका क्या मतलब है
06:30इतना दर्द इतने जख्म देने के बाद भी सारा दोश हम पर डाल कर आप इसमें अपना राजनीतिक फाइदा ढून
06:37रहे हैं
06:38और बिना किसी शर्म के विधान सभा में स्टॉलिन सर सारा दोश हम पर मढ़कर राजनीति कर रहे हैं इसका
06:44क्या मतलब है
06:48हमारे लिए आये लोगों को इंतजार करवा कर फाइदा उठाने वाला नेता नहीं हूँ मैं
06:54लोगों के लिए राजनीति में आया है ये विजय
06:59जिस जन्ता ने मुझे सब कुछ दिया उनके लिए सब कुछ छोड़कर सिर्फ और सिर्फ लोगों के लिए राजनीती में
07:05आया है ये विजए
07:06उनका कर्ज चुकाने के लिए ही राजनीती में आया है ये विजए
07:11आप लोग तो इस विजए को अच्छी तरह जानते ही हैं
07:27सिर्फ इतना ही काफी नहीं है वो कभी दोबारा सिर न उठा सकें ऐसा हमेशा के लिए
07:34एक सबक आपको उन्हें सिखाते रहना होगा क्या उन्हें लगता है कि ऐसा करने से
07:44मैं अपने लोगों को छोड़ कर भाग जाऊंगा कोई कुछ भी कहे मैं अपने
07:48लोगों को छोड़ कर कहीं नहीं जाने वाला मैंने कल भी कहा था आज भी कह रहा हूं और कल
07:52भी
07:52कहूंगा पूरे दम से कहूंगा शान से कहूंगा पैसा या जनता अगर ये सवाल हो तो मेरी
07:58जनता ही मेरे लिए सब कुछ है
08:05लोगो आपके सामने मेरे लिए
08:06पैसा वैसा कोई माएने रखता है क्या
08:08हम पर इतने आरोप लगाते हैं
08:10किया ये लोग मेरी तरह
08:12खुलेाम बोल सकते हैं
08:13क्या उनमें वो दम है
08:14है क्या बिलकुल नहीं है
08:20लेकिन हमारे लोगों द्वारा चुनी गई हमारी सरकार में
08:24कमिया निकालने के लिए ये नए नए तरीके नए नए मॉडल ढूनते रहते हैं
08:30हर एक विभाग में वो पार्टी फंड
08:38उस पार्टी फंड के नाम पर जो लूट मचा रखी है
08:41चाहे वो ये बुरी ताकत हो या फिर वो खत्म हो चुकी ताकत
08:47दोनों मिलकर बारी-बारी से यही काम कर रहे हैं
08:51इसमें सबसे मज़ेदार बात ये है कि जब विधान सबा में बात हो रही थी
08:54तो मैंने सिर्फ पार्टी फंड का जिक्र किया था
08:58वो कौन सी पार्टी है कैसा फंड है किसका नाम है
09:01मैंने कुछ भी नहीं कहा लेकिन सिर्फ पार्टी फंड बोलते ही
09:04वो लोग ऐसे भागे जैसे कोई चोर भागा हो
09:11मुझे तो पहले समझी नहीं आया कि ये लोग भाग क्यों रहे हैं
09:14हमने ऐसा क्या कह दिया वही बात है ना
09:16चोर की दाड़ी में तिनका
09:19ये तो बिल्कुल वैसा ही हुआ कि मेरे पापा अलमारी के अंदर नहीं है
09:22मेरे पापा अलमारी के अंदर नहीं है कहने जैसा
09:24अरे पूछिये मत इनके साथ तो बड़ा तमाशा चल रहा है
09:28बड़ा मज़ा आ रहा है
09:31चन्नई में
09:33एक पुल बनाने के लिए
09:36जितना खर्च होना चाहिए था
09:38उससे कहीं ज्यादा
09:39लगबग दोगुने खर्च का एक टेंडर निकाला गया था
09:42उस पूरे मामले को खोद कर निकाला गया
09:45और अब हमने उसका पता लगा कर उसे कैंसिल कर दिया है
09:49ना जाने कितने करोड का घोटाला
09:51कितने लाग का घपला खोदने पर बाहर आएगा
09:53ये हमें भी नहीं पता
09:54हर एक का नकाब उतर रहा है
09:57अरे ये विजय तो एक एक करके
09:59सारी पोल खोल रहा है
10:01ये सोच कर हर तरफ बस चीक पुकार मची हुई है
10:04कानों से खून आना ही बाकी रह गया है
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