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Karur Stampede पर Actor Vijay ने TN Police को क्यों लताड़ा? क्या है DMK की साजिश? क्या है हादसे का सच. करूर भगदड़ में 41 मासूमों की मौत के बाद थलपति विजय का गुस्सा सातवें आसमान पर है, जानिए पुलिस के किस 'नाटक' ने इस त्रासदी को और बड़ा बना दिया!

Actor Vijay slammed the Tamil Nadu Police and the DMK government over the tragic Karur stampede that claimed 41 lives. Expressing deep grief, Vijay alleged that the police staged a drama instead of managing safety, sparking a major political row in Tamil Nadu.

#KarurStampede #ActorVijay #TamilNaduNews #OneindiaHindi

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00:00लोगो मैं आप ही से पूछता हूँ उस दिन वहाँ इतनी भीड थी क्या उस भीड के हिसाब से पुलिस
00:05ने सुरक्षा दी थी एक पुलिस अधिकारी इंटर्व्यू में कह रहे हैं कि ये जगे हमने खुद चुनी थी इसका
00:10क्या मतलब है
00:11इतना दर्द इतने जखम देने के बाद भी सारा दोश हम पर डाल कर आप इसमें अपना राजनीतिक फाइदा ढून
00:18रहे हैं
00:18और बिना किसी शर्म के विधान सभा में स्टॉलिन सर सारा दोश हम पर मड़कर राजनीति कर रहे हैं इसका
00:24क्या मतलब है
00:25हमारे लिए आये लोगों को इंतजार करवा कर फाइदा उठाने वाला नेता नहीं हूँ मैं
00:31लोगों के लिए राजनीती में आया है ये विजय, जिस जनता ने मुझे सब कुछ दिया, उनके लिए सब कुछ
00:36छोड़कर, सिर्फ और सिर्फ लोगों के लिए राजनीती में आया है ये विजय, उनका कर्ज चुकाने के लिए ही राजनीती
00:44में आया है ये विजय, आप लोग
01:00कि दोबारा सिर न उठा सकें।
01:30मेरे दिल में बसने वाले, करूर के मेरे अपनों, आप सभी को मेरा नमस्कार,
01:53एक इनसान, जिन्दगी में, चाहे कितनी भी बड़ी उचाईयों पर क्यों न पहुँच जाए,
02:01दिल में कुछ दर्द और जखम ऐसे होते हैं, जिनें वो कभी भूल नहीं सकता, है न?
02:11हर किसी की जिन्दगी में ऐसा होता है, हमारे साथ भी ऐसा ही है,
02:15हम भी बहुत सारे दर्द और जखमों को जेल कर ही यहां तक पहुँचे हैं,
02:20लेकिन उन सब में से जो सबसे गहरा दर्द और जखम मुझे मिला,
02:27वो करूर का वो हादसा ही था,
02:33जन्ता से मिलने के लिए, जन्ता से मिलना है, उनकी समस्याओं पर बात करनी है,
02:40इसी मकसद से हमने इस जन्संपरक यात्रा की शुरुवात की थी,
02:43और त्रिची, अरियालूर, नागपटिनम, तिरुवारूर, नमककल, करूर जैसी जगहों पर जा रहे थे,
02:53अरियालूर की वो मीटिंग खत्म करके पेरंबलूर जाने से पहले,
02:58पेरंबलूर कुलिस ने हमें अलर्ट किया था,
03:01कि यहां भीड बहुत ज्यादा है, देर हो चुकी है, आप मत आईए, ऐसा उन्हों ने कहा,
03:09तो हमारे पास कोई चारा नहीं था, पुलिस ने कहा, तो हमें उनकी बात माननी ही थी,
03:13साथ ही पेरंबलूर के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए,
03:17हम भारी मन से वापस लौट गए, उसके बाद हमने पेरंबलूर के लोगों से माफी भी मांगी,
03:24उसी तरह जब हम नमकल की मीटिंग खत्म करके करूर आ रहे थे,
03:28तो करूर कुलिस भी हमें अलर्ट कर सकती थी न?
03:37कि नहीं सर, यहां उम्मीद से ज्यादा भीड है,
03:42हम कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, आप मत आईए,
03:45और पुलिस चाहे तो वो मीटिंग कैंसिल कर सकती है,
03:49अगर उन्हें लगे कि कुछ गड़बड है या कुछ गलत होने की आशंका है,
03:57उनके पास मीटिंग कैंसिल करने का पूरा अधिकार है,
04:00हम से पूछने की कोई जरूरत नहीं थी,
04:02लेकिन ऐसा कुछ भी न करके,
04:06हाईवे से उस जगह तक पुलिस खुद हमें अंदर लेकर आई,
04:10वो जो नाटक हुआ था ना,
04:18मैंने भरोसा किया, पूरा भरोसा किया,
04:21उस दिन जब करूर पुलिस से बात हुई,
04:23तो मैंने उन्हें थैंक्स भी कहा था,
04:25मुझे नहीं पता था कि ऐसा कोई नाटक चल रहा है,
04:32इस सब का जिम्मेदार कौन है,
04:37ये सब किसके कहने पर किया गया,
04:41ऐसा करो, वैसा करो,
04:43अगर ऐसा हो तो ये करना, वैसा हो तो वो करना,
04:47इस तरह के निर्देश देकर दबाव बनाने वाला कौन है,
04:56उस हादसे में हमने किन-किन लोगों को खोया है,
04:58जानते हैं आप,
05:00टीवी पर जब भी मेरी कोई फिल्म या गाना आता था,
05:03तो अम्मा, विजे मामा, विजे मामा कहकर,
05:08अपनी मा से हंसते हुए,
05:10बात करने वाले, टीवी स्क्रीन को छूकर चूमने वाले,
05:15मेरी बेहनों के उन प्यारे बच्चों को हमने खोया है,
05:21जो बच्चे अभी ठीक से बोल भी नहीं पाते थे,
05:25किसी मैगेजिन में मेरी फोटो देखकर जो मासूमियत से मुस्कुरा उठते थे,
05:31भगवान जैसे उन मासूम बच्चों को हमने खोया है,
05:34यार मेरी बहने भाई और पूरे परिवार को खोकर जो दर्द मैं जहेल रहा हूं उस पर आप मेरा मजाक
05:46उड़ा रहे हैं सारा दोश मुझ पर मड़ रहे हैं
05:51इतना बड़ा हाथसा हो गया ये क्यूं हुआ कैसे हुआ इसके पीछे की साजिश क्या थी इस दर्द के साथ
05:58मैं घर पर बैठा हूँ और आप कह रहे हैं कि मैं भाग कर छिप गया मूँ में जो आया
06:03वही बकते रहोगे क्या
06:12लोगो मैं आप ही से पूछता हूँ उस दिन वहाँ इतनी भीड थी क्या उस भीड के हिसाब से पुलिस
06:17ने सुरक्षा दी थी
06:23एक पुलिस अधिकारी इंटर्व्यू में कह रहे हैं कि ये जगए हमने खुद चुनी थी इसका क्या मतलब है
06:30इतना दर्द इतने जख्म देने के बाद भी सारा दोश हम पर डाल कर आप इसमें अपना राजनीतिक फाइदा ढून
06:37रहे हैं
06:38और बिना किसी शर्म के विधान सभा में स्टॉलिन सर सारा दोश हम पर मढ़कर राजनीति कर रहे हैं इसका
06:44क्या मतलब है
06:48हमारे लिए आये लोगों को इंतजार करवा कर फाइदा उठाने वाला नेता नहीं हूँ मैं
06:54लोगों के लिए राजनीति में आया है ये विजय
06:59जिस जन्ता ने मुझे सब कुछ दिया उनके लिए सब कुछ छोड़कर सिर्फ और सिर्फ लोगों के लिए राजनीती में
07:05आया है ये विजए
07:06उनका कर्ज चुकाने के लिए ही राजनीती में आया है ये विजए
07:11आप लोग तो इस विजए को अच्छी तरह जानते ही हैं
07:27सिर्फ इतना ही काफी नहीं है वो कभी दोबारा सिर न उठा सकें ऐसा हमेशा के लिए
07:34एक सबक आपको उन्हें सिखाते रहना होगा क्या उन्हें लगता है कि ऐसा करने से
07:44मैं अपने लोगों को छोड़ कर भाग जाऊंगा कोई कुछ भी कहे मैं अपने
07:48लोगों को छोड़ कर कहीं नहीं जाने वाला मैंने कल भी कहा था आज भी कह रहा हूं और कल
07:52भी
07:52कहूंगा पूरे दम से कहूंगा शान से कहूंगा पैसा या जनता अगर ये सवाल हो तो मेरी
07:58जनता ही मेरे लिए सब कुछ है
08:05लोगो आपके सामने मेरे लिए
08:06पैसा वैसा कोई माएने रखता है क्या
08:08हम पर इतने आरोप लगाते हैं
08:10किया ये लोग मेरी तरह
08:12खुलेाम बोल सकते हैं
08:13क्या उनमें वो दम है
08:14है क्या बिलकुल नहीं है
08:20लेकिन हमारे लोगों द्वारा चुनी गई हमारी सरकार में
08:24कमिया निकालने के लिए ये नए नए तरीके नए नए मॉडल ढूनते रहते हैं
08:30हर एक विभाग में वो पार्टी फंड
08:38उस पार्टी फंड के नाम पर जो लूट मचा रखी है
08:41चाहे वो ये बुरी ताकत हो या फिर वो खत्म हो चुकी ताकत
08:47दोनों मिलकर बारी-बारी से यही काम कर रहे हैं
08:51इसमें सबसे मज़ेदार बात ये है कि जब विधान सबा में बात हो रही थी
08:54तो मैंने सिर्फ पार्टी फंड का जिक्र किया था
08:58वो कौन सी पार्टी है कैसा फंड है किसका नाम है
09:01मैंने कुछ भी नहीं कहा लेकिन सिर्फ पार्टी फंड बोलते ही
09:04वो लोग ऐसे भागे जैसे कोई चोर भागा हो
09:11मुझे तो पहले समझी नहीं आया कि ये लोग भाग क्यों रहे हैं
09:14हमने ऐसा क्या कह दिया वही बात है ना
09:16चोर की दाड़ी में तिनका
09:19ये तो बिल्कुल वैसा ही हुआ कि मेरे पापा अलमारी के अंदर नहीं है
09:22मेरे पापा अलमारी के अंदर नहीं है कहने जैसा
09:24अरे पूछिये मत इनके साथ तो बड़ा तमाशा चल रहा है
09:28बड़ा मज़ा आ रहा है
09:31चन्नई में
09:33एक पुल बनाने के लिए
09:36जितना खर्च होना चाहिए था
09:38उससे कहीं ज्यादा
09:39लगबग दोगुने खर्च का एक टेंडर निकाला गया था
09:42उस पूरे मामले को खोद कर निकाला गया
09:45और अब हमने उसका पता लगा कर उसे कैंसिल कर दिया है
09:49ना जाने कितने करोड का घोटाला
09:51कितने लाग का घपला खोदने पर बाहर आएगा
09:53ये हमें भी नहीं पता
09:54हर एक का नकाब उतर रहा है
09:57अरे ये विजय तो एक एक करके
09:59सारी पोल खोल रहा है
10:01ये सोच कर हर तरफ बस चीक पुकार मची हुई है
10:04कानों से खून आना ही बाकी रह गया है
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