00:00इस सब का जिम्मेदार कौन है? ये सब किसके कहने पर किया गया? ऐसा करो, वैसा करो, अगर ऐसा हो
00:07तो ये करना, वैसा हो तो वो करना, इस तरह के निर्देश देकर दबाव बनाने वाला कौन है?
00:13मेरी बहने, भाई और पूरे परिवार को खोकर जो दर्द मैं जहेल रहा हूँ, उस पर आप मेरा मजाक उड़ा
00:22रहे हैं, सारा दोश मुझ पर मढ़ रहे हैं, इतना बड़ा हाथसा हो गया, ये क्यूं हुआ, कैसे हुआ, इसके
00:29पीछे की साजिश क्या थी, इस दर्द के साथ
00:31मैं घर पर बैठा हूँ, और आप कह रहे हैं कि मैं भाग कर छिप गया, मुझ में जो आया,
00:36वही बकते रहोगे क्या, लोगों मैं आप ही से पूछता हूँ, उस दिन वहाँ इतनी भीड थी, क्या उस भीड
00:42के हिसाब से पुलिस ने सुरक्षा दी थी, एक पुलिस अधिकार
00:45इंटर्वियू में कह रहे हैं कि ये जगे हमने खुद चुनी थी, इसका क्या मतलब है, इतना दर्द, इतने जखम
00:51देने के बाद भी सारा दोश हम पर डाल कर आप इसमें अपना राजनीतिक फाइदा ढून रहे हैं, और बिना
00:58किसी शर्म के विधान सभा में, स्टॉलिन सर
01:00सारा दोश हम पर मढ़कर राजनीति कर रहे हैं, इसका क्या मतलब है, हमारे लिए आये लोगों को इंतजार करवा
01:06कर फाइदा उठाने वाला नेता नहीं हूँ मैं, लोगों के लिए राजनीति में आया है ये विजए, जिस जनता ने
01:13मुझे सब कुछ दिया, उनके लिए स�
01:27देने वालों को आपने इस 2026 के चुनाओं में करारा जवाब दे दिया है, लेकिन सिर्फ इतना ही काफी नहीं
01:34है, वो कभी दोबारा सिर न उठा सकें, मेरे दिल में बसने वाले, करूर के मेरे अपनो, आप सभी को
01:51मेरा नमस्कार,
02:02एक इनसान, जिन्दगी में, चाहे कितनी भी बड़ी उचाईयों पर क्यों न पहुँच जाए, दिल में कुछ दर्द और जखम
02:15ऐसे होते हैं, जिनें वो कभी भूल नहीं सकता, है न?
02:20हर किसी की जिन्दगी में ऐसा होता है, हमारे साथ भी ऐसा ही है, हम भी बहुत सारे दर्द और
02:26जखमों को जेल कर ही यहां तक पहुचे हैं,
02:29लेकिन उन सब में से जो सबसे गहरा दर्द और जखम मुझे मिला, वो करूर का वो हादसा ही था,
02:43जन्ता से मिलने के लिए, उनकी समस्याओं पर बात करनी है, इसी मकसद से हमने इस जन्द संपर्क यात्रा की
02:52शुरुआत की थी,
02:53और त्रिची, अरियालूर, नागपटिनम, तिरुवारूर, नमककल, करूर जैसी जगहों पर जा रहे थे,
03:02अरियालूर की वो मीटिंग खत्म करके पेरंबलूर जाने से पहले, पेरंबलूर कुलिस ने हमें अलर्ट किया था,
03:10कि यहाँ भीड बहुत ज्यादा है, देर हो चुकी है, आप मत आईए, ऐसा उन्हों ने कहा,
03:18तो हमारे पास कोई चारा नहीं था, पुलिस ने कहा, तो हमें उनकी बात माननी ही थी,
03:23साथ ही पेरंबलूर के लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, हम भारी मन से वापस लौट गए,
03:30उसके बाद हमने पेरंबलूर के लोगों से माफी भी मांगी,
03:32उसी तरह, जब हम नमककल की मीटिंग खत्म करके करूर आ रहे थे,
03:38तो करूर कुलिस भी हमें अलर्ट कर सकती थी ना,
03:47कि नहीं सर, यहां उम्मीद से ज्यादा भीड है, हम कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, आप मत आईए,
03:55और पुलिस चाहे, तो वो मीटिंग कैंसिल कर सकती है, अगर उन्हें लगे कि कुछ गड़बढ है, या कुछ गलत
04:01होने की आशंका है,
04:06उनके पास मीटिंग कैंसिल करने का पूरा अधिकार है, हम से पूछने की कोई जरूरत नहीं थी,
04:11लेकिन ऐसा कुछ भी न करके, हाईवे से उस जगह तक, पुलिस खुद हमें अंदर लेकर आई, वो जो नाटक
04:20हुआ था ना,
04:28मैंने भरोसा किया, पूरा भरोसा किया, उस दिन जब करूर पुलिस से बात हुई,
04:33तो मैंने उन्हें थैंक्स भी कहा था, मुझे नहीं पता था कि ऐसा कोई नाटक चल रहा है,
04:41इस सब का जिम्मेदार कौन है, ये सब किसके कहने पर किया गया,
04:51ऐसा करो, वैसा करो, अगर ऐसा हो तो ये करना, वैसा हो तो वो करना,
04:57इस तरह के निर्देश दे कर दबाव बनाने वाला कौन है,
05:06उस हादसे में हमने किन-किन लोगों को खोया है, जानते हैं आप,
05:10इवी पर जब भी मेरी कोई फिल्म या गाना आता था,
05:13तो अम्मा, विजे मामा, विजे मामा कहकर, अपनी मा से हस्ते हुए,
05:20बात करने वाले, टीवी स्क्रीन को चूकर चूमने वाले,
05:25मेरी बहनों के उन प्यारे बच्चों को हमने खोया है, यार,
05:31जो बच्चे अभी ठीक से बोल भी नहीं पाते थे,
05:34किसी मैगजीन में मेरी फोटो देखकर जो मासूमियत से मुस्कुरा उठते थे,
05:41भगवान जैसे उन मासूम बच्चों को हमने खोया है, यार,
05:46मेरी बहने, भाई और पूरे परिवार को खोकर जो दर्द मैं जहेल रहा हूँ
05:52उस पर आप मेरा मजाक उड़ा रहे हैं, सारा दोश मुझे पर मड़ रहे हैं
06:01इतना बड़ा हाथसा हो गया, ये क्यूं हुआ, कैसे हुआ, इसके पीछे की साजिश क्या थी
06:06इस दर्द के साथ मैं घर पर बैठा हूँ, और आप कह रहे हैं कि मैं भाग कर छिप गया,
06:11मूँ में जो आया, वही बकते रहोगे क्या
06:21लोगों मैं आप ही से पूछता हूँ, उस दिन वहाँ इतनी भीड थी, क्या उस भीड के हिसाब से पुलिस
06:27ने सुरक्षा दी थी
06:32एक पुलिस अधिकारी इंटर्व्यू में कह रहे हैं कि ये जगए हमने खुद चुनी थी, इसका क्या मतलब है
06:39इतना दर्द, इतने जख्म देने के बाद भी सारा दोश हम पर डाल कर आप इसमें अपना राजनीतिक फाइदा ढून
06:46रहे हैं
06:47और बिना किसी शर्म के विधान सभा में स्टॉलिन सरसारा दोश हम पर मढ़कर राजनीति कर रहे हैं, इसका क्या
06:54मतलब है
06:58हमारे लिए आये लोगों को इंतजार करवा कर फाइदा उठाने वाला नेता नहीं हूँ मैं
07:04लोगों के लिए राजनीति में आया है ये विजय जिस जनता ने मुझे सब कुछ दिया उनके लिए सब कुछ
07:12छोड़कर सिर्फ और सिर्फ लोगों के लिए राजनीति में आया है ये विजय उनका कर्ज चुकाने के लिए ही राजनीति
07:19में आया है ये विजय
07:20आप लोग तो इस विजय को अच्छी तरह जानते ही हैं
07:25लेकिन हम सभी को इतने दर्द और जख्म देने वालों को आपने
07:29इस दो हजार चब्श के चुनाओं में करारा जवाब दे दिया है
07:33लेकिन सिर्फ इतना ही काफी नहीं है लोगो
07:36सिर्फ इतना ही काफी नहीं है
07:37वो कभी
07:40दोबारा सिर न उठा सकें
07:43ऐसा हमेशा के लिए
07:44एक सबक आपको उन्हें सिखाते रहना होगा
07:51क्या उन्हें लगता है कि ऐसा करने से
07:53मैं अपने लोगों को छोड़ कर भाग जाऊंगा
07:56कोई कुछ भी कहे
07:57मैं अपने लोगों को छोड़ कर कहीं नहीं जाने वाला
07:59मैंने कल भी कहा था आज भी कह रहा हूँ
08:01और कल भी कहूंगा पूरे दम से कहूंगा
08:03शान से कहूंगा पैसा या जनता
08:06अगर ये सवाल हो
08:07तो मेरी जनता ही मेरे लिए सब कुछ है
08:15लोगो आपके सामने
08:16मेरे लिए पैसा वैसा कोई माइने रखता है क्या हम पर इतने आरोप लगाते हैं ये लोग क्या ये लोग
08:21मेरी तरह खुले आम बोल सकते हैं क्या उनमें वो दम है है क्या बिलकुल नहीं है
08:30लेकिन हमारे लोगों द्वारा चुनी गई हमारी सरकार में
08:34कमिया निकालने के लिए ये नए नए तरीके नए नए मॉडल ढूनते रहते हैं
08:39हर एक विभाग में वो पार्टी फंड
08:48उस पार्टी फंड के नाम पर जो लूट मचा रखी है
08:51चाहे वो ये बुरी ताकत हो या फिर वो खत्म हो चुकी ताकत
08:56दोनों मिलकर बारी-बारी से यही काम कर रहे हैं
09:00इसमें सबसे मज़ेदार बात ये है कि जब विधान सबा में बात हो रही थी
09:04तो मैंने सिर्फ पार्टी फंड का जिक्र किया था
09:08वो कौन सी पार्टी है कैसा फंड है किसका नाम है
09:11मैंने कुछ भी नहीं कहा लेकिन सिर्फ पार्टी फंड बोलते ही
09:14वो लोग ऐसे भागे जैसे कोई चोर भागा हो
09:20मुझे तो पहले समझी नहीं आया कि ये लोग भाग क्यों रहे हैं
09:24वही बात है ना चोर की दाड़ी में तिनका
09:28ये तो बिल्कुल वैसा ही हुआ कि मेरे पापा अलमारी के अंदर नहीं है
09:34अरे पूछिये मत इनके साथ तो बड़ा तमाशा चल रहा है
09:37बड़ा मजा आ रहा है
09:40कि चन्नाई में एक पुल बनाने के लिए
09:45जितना खर्च होना चाहिए था उससे कहीं ज्यादा लगबग दोगुने खर्च का एक टेंडर निकाला गया था
09:51उस पूरे मामले को खोद कर निकाला गया और अब हमने उसका पता लगा कर उसे कैंसिल कर दिया है
09:58ना जाने कितने करोड का घोटाला कितने लाग का घपला खोदने पर बाहर आएगा ये हमें भी नहीं पता
10:04हर एक का नकाब उतर रहा है
10:07अरे ये विजय तो एक एक करके सारी पोल खोल रहा है
10:10ये सोच कर हर तरफ बस चीक पुकार मची हुई है
10:13कानों से खून आना ही बाकी रह गया है
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