00:00भारत सरकार ने कतर के पूर्व अमीर शेक हमद बिल खलीफा अल्थानी के निधन पर एक बड़ा और सम्मान जनक
00:07फैसला लिया है।
00:08भारत ने 13 जुलाई को पूरे देश में एक दिन का राश्ट्रिय शोक घोशित किया है।
00:14ये भैसला केवल एक उपचारिक कूटनीतिक कदम नहीं बलकि भारत और कतर के बीच वर्षों से बने मजबूद और भरोसेमंद
00:21रिष्टों का प्रतीक माना जा रहा है।
00:23इस दौरान देश भर में सरकारी इमारतों पर राश्ट्रिय धवज आधा जुका रहेगा और सरकार की और से कोई आधिकारिक
00:31मनोरंजन कारिकरम आयोजित नहीं किया जाएगा।
00:34विदेश मंत्राले की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार राश्ट्री शोक के दौरान उन सभी सरकारी भबनों पर तिरंगा
00:41आधा जुका रहेगा जहां नियमित रूप से राश्ट्रिय धवज फैर आया जाता है।
00:46इसके साथ ही सरकारी स्तर पर आयोजित होने वाले सभी आपचारिक मनोरंजन कारिक्रम भी स्थगित रहेंगे। ये सम्मान भारत की
00:54उस परंपरा का हिस्सा है जिसकी तहत मित्र देशों के प्रमुख नेताओं के निधन पर राश्ट्रिय शोक घोशित किया जाता
01:01है।
01:02प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लाटफॉर्म एक्स पर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा शोक
01:09व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें एक दूर दर्शी नेता बताया जिन्होंने कतर को विकास, आर्थिक सम्रिध्धी और �
01:16वैश्विक पहचान दिलाने में एतिहासिक भूमिकाने भाई। पीम मोदी ने कहा कि शेख हमद भारत के सच्चे मित्र थे और
01:23उनसे उनकी मुलाकात फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान हुई थी। प्रधानमंत्री ने कतर के वर्तमान अमीर, शेख तमीम
01:31बिन हमद अल्�
01:32शाही परिवार और वहां की जनता के प्रती अपनी समवेधनाय भी व्यक्त की। भारत सरकार ने इस अफसर पर अपना
01:39आधिकारिक प्रतिनिधी मंडल भी कतर भीजने का पहसला लिया है। केंद्रिय संसदिय कार्य एवं अल्प संख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू भा
01:51का समवेधना संदेश कतर के नेत्रित्व तक पहुँचाएंगे। ये दोरा दोनों देशों के बीच गहरे कूट नीतिक संबंधों का एक
01:59और महत्वपून संकेत माना जा रहा है।
02:22प्राकृतिक गैस संसाधनों के प्रभावी उपयोग, आधुनिक बुन्यादी धांचे के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और अंतरराष्ट्रे निवेश के क्षेत्र में उनके
02:31योगदान को दुनिया भर में सराहा जाता है। इसी वजह से उन्हें अक्सर आधुनिक कतर क
03:05निर्माता भी कहा जाता है।
03:06बीते कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के नेत्रित्व के बीच कई उच्चिस्तरिय मुलाकाते हुई हैं। इन बैठकों
03:14के दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, उर्जा सुरक्षा और प्रवासी भारतियों से जुड़े कई महत्व
03:21पूर्ण मुद्धों पर समझोते हुए हैं। यही कारण है कि भारत और कतर के रिष्टों को खारी क्षेत्र की सबसे
03:27मजबूत रणनीतिक साजहदारियों में गिना जाता है।
03:30राष्ट्रे शोक की घोशना ये भी दर्शाती है कि भारत अपने मित्र देशों के नेताओं के योगदान और द्विपक्षिय संबंधों
03:37को कितना महत्व देता है। अंतर राष्ट्रे कूठ नीती में ऐसे फैसले केवल आपचारिकता नहीं होते बलकि दोनों देशों के
03:45�
03:45बीच आपसी सम्मान, विश्वास और दीर्ग कालिक साजहदारी का संदेश भी देते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर कतर में
03:52होने वाले अंतिम शद्धानजली कारिक्रमों पर है। भारत सरकार का ये निर्ने एक बार फिर साबित करता है कि भारत
03:59और कतर के संबंध
04:00केवल व्यापार और उर्जा तक्सीमित नहीं है बलकि दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता, विश्वास और पारसपरिक सम्मान की मजबूत
04:09नीव पर आधारित है।
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