देश में विपक्षी एकता को मजबूत करने, विपक्ष की आवाज को धारदार बनाने और संयुक्त रूप से भावी रणनीति तैयार करने के लिए सोमवार को दिल्ली की कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में INDI एलायंस की अहम बैठक हुई, जिसमें 23 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक में सभी नेताओं ने एक सुर से NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की मोदी सरकार पर संविधान पर हमला करने का आरोप लगाया. उन्होंने SIR के जरिए चुनाव में धांधली और वोटों की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए INDI गठबंधन की ओर से मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने की बात कही. बैठक में शामिल INDI गठबंधन के लिए भविष्य की पांच सूत्रीय रणनीति पर सहमति जताई, जिनमें देश की वर्तमान आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के मुद्दे और दूसरे जनहित के मुद्दे शामिल हैं. बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और उमर अब्दुल्ला समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. कांग्रेस ने दावा किया कि अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बावजूद विपक्षी गठबंधन एकजुट है और आपसी सहयोग को मजबूत कर रही है. गठबंधन ने अब हर दो महीने में बैठक करने का फैसला किया. गठबंधन की अगली बैठक हैदराबाद में 8 अगस्त को होगी.
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